Love shayri “ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है, मोहब्बत के लिए, फिर एक दूसरे से रूठकर वक़्त गँवाने की जरूरत क्या है।” “zindagee yoon hee bahut kam hai, mohabbat ke lie, phir ek doosare se roothakar vaqt ganvaane kee zaroorat kya hai.”

मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे, मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले, तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे, तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे, मेरी एक सांस ऐसी नही जो तेरा नाम ना ले !! propose shayari mere dil kee majabooreeContinue Reading

[wp_ad_camp_1]तुम्हारे प्यार में हम बैठें हैं चोट खाए! जिसका हिसाब न हो सके उतने दर्द पाये! फिर भी तेरे प्यार की कसम खाके कहता हूँ! हमारे लब पर तुम्हारे लिये सिर्फ दुआ आये! tumhaare pyaar mein ham baithen hain chot khae! jisaka hisaab na ho sake utane dard paaye! phirContinue Reading

[wp_ad_camp_1]वक़्त नूर को बेनूर बना देता है! छोटे से जख्म को नासूर बना देता है! कौन चाहता है अपनों से दूर रहना पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है! vaqt noor ko benoor bana deta hai! chhote se jakhm ko naasoor bana deta hai! kaun chaahata hai apanon se doorContinue Reading