[wp_ad_camp_1] बार–बार टूटने के बाद अब भी मुझमें है हिम्मत संभलने कीयकीं है मुझे पा लूँगा अपनी मंजिल, पार करके हर मुसीबतगर साथ है मेरे, मेरे खुदा की मेनत